How immunity booster works । इम्यूनिटी बूस्टर कैसे काम करता है | अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढ़ाए |


अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढ़ाए How to boost your Immunity Your-Self



यदि आप अपनी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहते है तो आपको शरीर को कुछ जरूरी विटामिन और मिनिरल को पहुंचना होगा। यहां आज मैं आपको कुछ स्टेप बताऊंगा जिसकी मदद से शरीर स्वस्थ रख सकते है और इम्यूनिटी को boost कर सकते है।

   Immunity के साथ आप सभी प्रकार के रोग से लड़ सकते है यदि Immunity के कमजोर होने से शरीर में तरह तरह के बीमारी लग जाते है। इसलिए एक अच्छे स्वास्थ्य के लिए Immunity  का बहुत महत्व होता है।
   
    

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अपने भोजन में इन पोषक तत्वों को सामिल करे

Include these nutrients in your food to increase immunity





विटामिन C- 

विटामिन सी में Antioxidant मौजूद होते हैं जो infection के कारण शरीर को होने वाले क्षति एवं infection से भी बचाते हैं । विटामिन C युक्त भोज्य पदार्थ हैं-

फल 
 जैसे- नींबू,अंगूर, पपीता, संतरा, मौसंबी, अन्नानास, स्ट्रॉबेरी, आंवला 
सब्जियां
 जैसे-ब्रोकोली (Broccoli) , हरी मिर्च (Green chilly), लाल व पीली शिमला मिर्च (capsicum), टमाटर, 

विटामिन E- 


कद्दू के बीज,सूरजमुखी के बीज, 
वनस्पति तेल जैसे सूरजमुखी का तेल, सोयाबीन का तेल, गेहूं के बीज का तेल, बादाम का तेल , जैतून, ब्रोकोली, कद्दू कीवी, बादाम, मूंगफली,
 शलगम एवं सरसो का साग, 

विटामिन A-


विटामिन A के लिए इन खाद्य पदार्थों का सेवन करें-

सब्जियाँ 
जैसे गाजर,कद्दू, शकरकंद , पीले व लाल शिमला मिर्च, 
फल 
 जैसे- पपीता, खरबूजा, आम, मौसंबी, संतरा,
डेयरी उत्पादन 
 जैसे- milk और दूध से बने पदार्थ जैसे पनीर, दही आदि

ग्रीन टी -से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते है- Green tea - can increase immunity in the body -



ग्रीन टी में Polyphenols मौजूद होता है जो शरीर को रोगो से लड़ने के लिए शरीर को मजबूत बनाता है साथ ही Inflammation को भी कम करता है। इसके साथ ही ये हाजमा (digestion) क्रिया एवं माथा को भी ठीक कार्य करने में मदद करता है।

इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है इसलिए इसका प्रयोग शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढाने, वजन और मोटापे को कम करने में किया जाता है।   

व्यायाम- शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए  है कितना ज़रूरी हो सकता हैं-

Exercise - To increase the body's resistance, how important is it-




      आहार हमारे स्वास्थ्य में योगदान देता है वैसे ही व्यायाम भी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने में मदद करता है। व्यायाम स्ट्रेस हॉर्मोस, कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद करता है,

लेकिन क्या यह आपकी प्रतिरोधक क्षमता को Natural तरीके से बढ़ाने में लाभकारी है? तो हम आपको बता दें  जो शरीर में ज्यादा होने पर इम्यून सिस्टम को कम करने लगता है। रोजाना व्यायाम कर के इस पर नियंत्रण रखा जा सकता है, 

स्वस्थ जीवनशैली के लिए व्यायाम (Exercise) बहुत ज़रूरी है। यह हृदय, blood pressure, शरीर के वजन और विभिन्न प्रकार के बीमारियों से लड़ने में बहुत मदद करता है। 

  • योग
  • साइकिलिंग- रोज 30 मिनट साईकिल चलाए
  • पैदल चले - प्रतिदिन कम से कम दो किलोमीटर पैदल चलना चाहिए
  • डांस- यदि आपको डांस में रुचि हो तो डांस करने से शरीर चुस्त दुरुस्त रहता है 
  • इनडोर और आउटडोर गेम्स खेलें जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी

ऊपर दिए गए कार्यशैली से शरीर स्वस्थ रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

हल्दी मह्वपूर्ण भूमिका निभाता है - रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में  -

Turmeric Most plays an important role - in strengthening immunity -




यह ग्लूकोज (Glucose) को नियंत्रित करता है जिससे मधुमेह (Sugar) के दौरान दी जाने वाली इलाज़ का असर को बढ़ा देता  है।

हल्दी में सूजन (Swelling) को रोकने का महत्वपूर्ण गुण होता है। इसका उपयोग गठिया (Arthritis) रोगियों को बहुत लाभ मिलता है।

हल्दी हानिकारक Radiation के संपर्क में आने से होने वाले Tumor से भी बचाव करती है। कच्ची हल्दी में कैंसर (Cancer) से बचाव के गुण होते हैं। यह खासतौर पर पुरुषों में होने वाले prostate cancer के कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने के साथ साथ उसको नस्ट भी कर देती है। 

हल्दी में Lipopolysaccharide नाम का तत्व (Element) होता है इससे शरीर में इम्यून सिस्टम Strong होता है। 

इंसुलिन के स्तर को Balance करने का गुण हल्दी में होता है। इस प्रकार यह मधुमेह रोगियों (diabetics) के लिए बहुत लाभदायक होती है।

 यह शरीर के natural सेल्स को खत्म करने वाले free radicals को खत्म करती है और गठिया रोग (Arthritis) में होने वाले जोडों के दर्द में लाभ पहुंचने का काम करती  है।

हल्दी liver को भी healthy रखती है। हल्दी के उपयोग से Liver अच्छे से काम करता रहता है।

हल्दी में शरीर को fungal Infection से बचाने के महत्वपूर्ण गुण होते है। इस तरह से शरीर में bacteria की समस्या से बचाव करती है। यह बुखार (Fever) होने से रोकती है।  
 
Cholesterol Serum का level शरीर में कम बना रहता है हल्दी के लगातार इस्तेमाल से । हल्दी शरीर को ह्रदय रोगों से सुरक्षित रखती है, कोलेस्ट्रोल सेरम को control रखती है ।
 
Antiseptic गुण के कारण हल्दी का उपयोग Skin को चमकदार और स्वस्थ रखने में बहुत उपयोगी है। विवाह के पूर्व पूरे शरीर पर हल्दी का उबटन लगाया जाता है  भारतीय कल्चर में । 
 
कच्ची हल्दी में antibacterial और antiseptic गुण होने के कारण infection से लडने के गुण भी पाए जाते हैं। इसमें Soraisis जैसे त्वचा रोगों से बचाव के तत्व होते हैं। 

इम्यून सिस्टम Strong बनाने के लिए हल्दी से बनी चाय अत्यधिक लाभकारी काढ़ा है । नियमित उपयोग से वजन कम होने की गति बढ़ जाती है। हल्दी में वजन कम करने का गुण पाया जाता है।

लहसुन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है - 

रोग प्रतिरोधक क्षमता को और अधिक बढ़ाने के लिए 

Garlic plays an important role - to increase immunity-






Anti obesity गुण डाइट के कारण मोटापे को कम करने में मदद कर सकता है, लहसुन एंटी-ऑक्सीडेंट (anti-oxidant) से भरपूर तत्व है जो हमारे शरीर को कई प्रकार की बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है।
लहसुन बढ़ते वजन की रोकथाम में कुछ हद तक मददगार प्रतीत हो सकता है। लहसुन का इस्तेमाल करने से अल्सर और कैंसर जैसे रोगों से बचाव हो सकता है।  

लहसुन हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले घरेलु औषधि  माना जाता है।  इसके अलावा लहसुन में एल्सिन (allicin) नामक एक महत्वपूर्ण तत्व होता है जो की शरीर को होने वाले अनेक प्रकार के Infection और Bacteria से लड़ने की Power देता है। 

मानसिक तनाव को कम करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं -By reducing mental stress, you can increase immunity -


मानसिक तनाव को कम करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बना सकते है लेकिन आपने सही सुना होगा कि जब आप रिटायर होकर घर पर बैठ जाते है तो मानसिक तनाव घर कर लेती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाता है।

तनाव को कम करने के लिए आपको अपने आपको किसी ना किसी काम काज में बिजी रखे । वो लोग शरीर से स्वस्थ रहते हैं। जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी होती रहे।



  

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